आधुनिक होना गलत नहीं,
लेकिन जड़ों को भूल जाना खतरनाक है।
राजपूत समाज का भविष्य
संस्कार और आधुनिकता के संतुलन में है।
जहाँ सोच आधुनिक हो
और आत्मा राजपूती।
समाज संस्कृति संवाद
आधुनिक होना गलत नहीं,
लेकिन जड़ों को भूल जाना खतरनाक है।
राजपूत समाज का भविष्य
संस्कार और आधुनिकता के संतुलन में है।
जहाँ सोच आधुनिक हो
और आत्मा राजपूती।